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जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

एक तेरे ख्वाबों का शौक, एक तेरी याद की आदत

Mohabbat

न  मोहब्बत  संभाली गई,न नफरतें पाली गईं… बङा अफसोस है उस जिंदगी का,जो तेरे पीछे खाली गई…. *** तुम्हारी हर अदा  मोहब्बत  सी लगती है एक पल की जुदाई मुद्दत सी लगती है जिंदगी में हरपल तेरी जरुरत लगती है” *** बहक जाने देँ मुझे मेरे यार की मोहब्बत में ये वो नशा है जो .मेरे सर से कभी उतरता नही *** तेरी  मोहब्बत  में एक अजब सा नशा है, तभी तो सारी दुनिया तुमपे फ़िदा है . *** यह दुनिया एक लम्हे में तुम्हे बर्बाद कर देगी,  मोहब्बत  मिल भी जाये तो उसे मशहूर मत करना *** वो इश्क़ हि क्या जिसमे हिसाब हो…  मोहब्बत  तो हमेशा बेहिसाब होती है.

तलाश

फिर तेरी याद फिर तेरी तलाश फिर तेरी बातें, देखो न दायरा-ए -ज़िन्दगी मेरा तुम तक सिमट गया।

दिल

तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे, खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे, अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो, तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।

जिकर

मै कुछ लिखूँ और तेरा जिक्र ना हो वो तो मुकुल की शायरी की तौहीन होगी